मुस्लिम वोट बैंक में बड़ा बदलाव, AIMIM की मजबूती और ‘सेक्युलर पार्टियों’ के सामने नई चुनौती
महाराष्ट्र में हाल ही में संपन्न हुए नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण संकेत दिया है। इन चुनावों में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने शहरी स्थानीय निकायों में अपनी मौजूदगी को दोगुने से भी अधिक बढ़ा लिया है। जहां पिछले चुनावों में AIMIM के पास केवल 48 सीटें थीं, वहीं इस बार पार्टी ने लगभग 114 से 125 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया है। AIMIM का शानदार प्रदर्शन AIMIM का सबसे प्रभावशाली प्रदर्शन छत्रपति संभाजीनगर (पूर्व में औरंगाबाद) में देखने को मिला, जहां पार्टी ने 33 सीटें जीतकर भाजपा के बाद दूसरी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरकर सामने आई। इसके अलावा पार्टी ने मालेगांव में 21 सीटें नांदेड़ में 13–14 सीटें अमरावती में 11–12 सीटें धुले में 10 सीटें सोलापुर में 8 सीटें मुंबई महानगरपालिका (BMC) में 6–8 सीटें ठाणे में 5 सीटें जालना, चंद्रपुर और अन्य शहरों में भी उल्लेखनीय जीत दर्ज की इस प्रदर्शन के साथ AIMIM ने न केवल समाजवादी पार्टी, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और शरद पवार गुट वाली NCP को पीछे छोड़ा, बल्कि यह भ...